मनाली मत जइयो – अटल बिहारी बाजपेयी

मनाली मत जइयो, गोरीराजा के राज में। जइयो तो जइयो,उड़िके मत जइयो,अधर में लटकीहौ,वायुदूत के जहाज़ में। जइयो तो जइयो,सन्देसा न पइयो,टेलिफोन बिगड़े हैं,मिर्धा महाराज में। जइयो तो जइयो,मशाल ले के जइयो,बिजुरी भइ बैरिनअंधेरिया रात में। जइयो तो जइयो,त्रिशूल बांध जइयो,मिलेंगे ख़ालिस्तानी,राजीव के राज में। मनाली तो जइहो।सुरग सुख पइहों।दुख नीको लागे, मोहेराजा के राज … Read moreमनाली मत जइयो – अटल बिहारी बाजपेयी

दूध में दरार पड़ गई – अटल बिहारी बाजपेयी

ख़ून क्यों सफ़ेद हो गया?भेद में अभेद खो गया।बँट गये शहीद, गीत कट गए,कलेजे में कटार दड़ गई।दूध में दरार पड़ गई। खेतों में बारूदी गंध,टूट गये नानक के छंदसतलुज सहम उठी, व्यथित सी बितस्ता है।वसंत से बहार झड़ गईदूध में दरार पड़ गई। अपनी ही छाया से बैर,गले लगने लगे हैं ग़ैर,ख़ुदकुशी का रास्ता, … Read moreदूध में दरार पड़ गई – अटल बिहारी बाजपेयी

कौरव कौन, कौन पाण्डव – अटल बिहारी बाजपेयी

कौरव कौन कौन पांडव, टेढ़ा सवाल है| दोनों ओर शकुनि का फैला कूटजाल है| धर्मराज ने छोड़ी नहीं जुए की लत है| हर पंचायत में पांचाली अपमानित है| बिना कृष्ण के आज महाभारत होना है, कोई राजा बने, रंक को तो रोना है|

कदम मिला कर चलना होगा – अटल बिहारी बाजपेयी

बाधाएँ आती हैं आएँघिरें प्रलय की घोर घटाएँ,पावों के नीचे अंगारे,सिर पर बरसें यदि ज्वालाएँ,निज हाथों में हँसते-हँसते,आग लगाकर जलना होगा।क़दम मिलाकर चलना होगा। हास्य-रूदन में, तूफ़ानों में,अगर असंख्यक बलिदानों में,उद्यानों में, वीरानों में,अपमानों में, सम्मानों में,उन्नत मस्तक, उभरा सीना,पीड़ाओं में पलना होगा।क़दम मिलाकर चलना होगा। उजियारे में, अंधकार में,कल कहार में, बीच धार में,घोर … Read moreकदम मिला कर चलना होगा – अटल बिहारी बाजपेयी